उस जिंदगी से प्यार जो कहीं और है

प्रिय परमेश्वर पिता के पवित्र वचन में लिखा है कि-

“…तुम्हारी जिंदगी अभी मसीहा के साथ परमेश्वर में छिपी है।” -कुलुसियों 3:3

मसीहा यीशु मुर्दों में से जी उठे। जी उठने के बाद 40 दिन तक अपने शिष्यों के साथ रहे और 500 लोगों के सामने बादलों में उठा लिये गये। वह अब कभी न मरेंगे। इस बात का वर्णन पवित्र वचन इस तरीके से करता है-

“क्योंकि हम जानते है कि जब मसीहा मुर्दों में से जी उठे है तो वह वापस नहीं मर सकते; मौत का उन पर कोई स्वामित्व नहीं।” -रोमन्स 6:9

जिसने मौत को जीता है, जीवन उसी में है। अभी हमें सिर्फ मसीहा से ही उम्मीद है क्योंकि हमारी जिंदगी उसी में छिपी है।

क्रूस की कहानी- मसीही गीत

क्रूस की कहानी भी क्या अजीब है2
सूली पे आज देखो अपना हबीब है2
क्रूस…2
देखो न भूल न जाना अपने यीशु मसीह को२
त्यागा है उसको सबने जैसे रकीब है2
क्रूस की कहानी….
मेरे ही पापों के कारण घायल हुआ था चेहरा2
फिर भी लिये वो कांधे अपनी सलीब है2
क्रूस… 2

सबसे ज्यादा प्यार?

कोई हो सकता है जो आपसे सबसे ज्यादा प्यार करता हो। हो सकता है आपको भी लगता हो कि वह खास इंसान या परिवारजन आपसे बहुत ज्यादा मुहब्बत करता है। दूसरों से कई गुना ज्यादा। पवित्र बाइबल प्रकट करती है कि भविष्यवक्ता याकूब अपने पुत्र युसूफ से अन्य 11 पुत्रों से ज्यादा प्रेम करते थे। युसूफ भी अपने भाइयों की करतूतों का ब्यौरा अपने पिता को सुना देते थे, यह सोचकर कि वह अपने पिताजी के दिल के प्रिय है। एक समय जब युसूफ ने अपने मां बाप और भाइयों को एक सपना सुनाया तो वे सब उनके विरोधी हो गये। उस सपने का सार यह था कि युसूफ अपने मां बाप और भाइयों से कई गुणा ज्यादा प्रगति करने वाले थे और बहुत बड़े आदमी बनने वाले थे। यह सुनते ही याकूब को बहुत बुरा लगा। कहने का सीधा सा तात्पर्य यह है कि मनुष्य के प्रेम की सीमा यह हो सकती है कि वह आपको खुद से ज्यादा बढ़ने न दे। हो सकता है।

विश्व का महानतम लीडर जिसको कुछ भी नहीं मिला

जी हां। उस लीडर का नाम है मूसा। उन्होंने अपने इजरायली भाइयों के आपसी विवाद को सुलझाने की कोशिश की तो इस कारण मिस्त्र के महलों का त्याग करके जान बचाकर भागना पड़ा क्योंकि उनका अपना भाई उनसे जुबान लड़ा रहा था और उनके प्राण संकट में डाल रहा था। दूसरे देश (ससुराल) में भी परमेश्वर ने चरवाहे के रुप में उन्हें जीवन जीने नहीं दिया और वापस मिस्त्र बुलाया ताकि वह इजरायलियों को राजा फिरौन की असहनीय गुलामी से निकालकर वर्तमान में स्थित इजरायल में ले जाकर बसाये। परमेश्वर ने अद्भुत करिश्मे करके इजरायलियों को गुलामी से निकाला लेकिन इजरायलियों के पापों के कारण मूसा को चालीस साल तक रेगिस्तान में भटकना पड़ा, हालांकि यह यात्रा वास्तव में सिर्फ एक सप्ताह की ही थी। मूसा वह व्यक्ति थे जो परमेश्वर के हाथ से पत्थरों पर लिखी दस आज्ञाओं को लेकर आये। मूसा न तो वाचा के देश में पहुंच पाये और न मिस्त्र में सुख भोग सके। एक ऐसे महान लीडर एवं सामर्थी भविष्यवक्ता जिनको कुछ न मिला।आखिर में दुखी मन से अपने भाइयों से कहते है-

“और मुझ पर भी यहोवा तुम्हारे कारण क्रोधित हुआ, और यह कहा, कि तू भी वहाँ जाने न पाएगा।”
– व्यवस्थाविवरण 1:37 bible2all.com

Note:- सारी सामग्री बाइबल की पुस्तक निर्गमन से ली गयी है।

खरीदा तूने अपने लहू से- मसीही गीत

खरीदा तूने अपने लहू से, काम में आऊं तेरे लिये-2
चाहता हूँ कि मैं काम में आऊं-2,जीवित हूं मैं तेरे लिए-2
हालेलूय्याह-4 ओहो हालेलूय्याह-4
हाथ में लेने योग्य नहीं था, साथ में रखा चंगा करके
मालिक तेरी मरजी को ही, पूरा करूँ प्रतिदिन में
शक्ति तेरी मुझमें सदा, कार्य करे भरपूरी से
युक्तियों को शैतान की शक्तियों को,
नष्ट करूँ मैं नाम में तेरे,
हालेलूय्याह-4 ओ हो हालेलूय्याह-4,
परमपिता भेजा तुझे, पापियों को पवित्र करने
दुख उठाकर मुक्ति दी है, कि भक्तिहीन मैं शुद्ध हो जाऊं
हालेलूय्याह-4 ओ हो हालेलूय्याह-4
राजा होकर बादलों पर,आने समय पाऊं ईनाम मैं
पवित्रता में आगे बढूं,दौड़ को मैं पूरा करुं
हालेलूय्याह-4 ओ हो हालेलूय्याह-4
Lyricist- Unknown

सतावट क्यों? इस दिलचस्प सवाल का जवाब

विश्वासी लोग सतावट के कई कारण बताते है लेकिन प्रभु येशु मसीह ने जो कारण बताया है वह एकदम सही और हजम होने वाला है-

“वे तुम्हें आराधनालयों में से निकाल देंगे, वरन वह समय आता है, कि जो कोई तुम्हें मार डालेगा वह समझेगा कि मैं परमेश्वर की सेवा करता हूं। और यह वे इसलिये करेंगे कि उन्होंने न पिता को जाना है और न मुझे जानते हैं।”
-संत यूहन्ना 16:2-3

सतावट का कारण यह है कि वे पिता परमेश्वर को नहीं जानते और प्रभु यीशु मसीह को नहीं जानते (संत यूहन्ना 16:2-3).

बस।